आईसीडीएस की लंबित योजनाओं के संचालन में लाएं तेजी : डीएम
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निर्देश : समाज कल्याण विभाग के आईसीडीएस निदेशालय द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यो की समीक्षा कर डीएम ने दिया अधिकारियों को निर्देश
नंदकिशोर दास|बेगूसराय
डीएम तुषार सिंगला की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में शुक्रवार को समाज कल्याण विभाग अंतर्गत आईसीडीएस निदेशालय द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यो की समीक्षा की गई। इस बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस, जिला योजना पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक महिला, बाल विकास प्रबंधक, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं अन्य उपस्थित थे। डीएम ने आईसीडीएस से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की। जिन योजनाओं में प्रगति कम थी, उनमें तेजी लाने को कहा। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक महिला एवं बाल विकास को बेगूसराय जिला अंतर्गत बाल विवाह का डेटा के अनुसार वैसे पंचायतों को चिन्हित करने का निर्देश दिया, जहां बाल विवाह के मामले अधिक हैैं। ताकि उन क्षेत्रों में महादलित टोलों में भी विकास मित्र, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका के द्वारा बाल विवाह रोकने संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाए। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के अंतर्गत पूरा जिले के लिए प्रतिदिन के हिसाब से एक विस्तृत कार्य योजना तैयार हो। यह सभी कार्यक्रम ऐसे क्षेत्रों में कराया जाय जहां जागरूकता का अभाव हो एवं अधिकाधिक लोग को कार्यक्रम में जोड़ा जा सके। सिमरिया कल्पवास मेला में भी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से संबंधित फ्लैक्स अधिष्ठापन कराने के लिए भी निर्देश दिया गया। डीएम ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक, महिला बाल विकास निगम को जल्द-से-जल्द पुलिस लाईन में पालनाघर का संचालन शुरू करने, विशेष अभियान चलाकर आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका को अपने कार्यों के प्रति संवेदनशील करने की आवश्कता पर बल दिया। ताकि ज्यादा-से-ज्यादा महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा के संबंध में सकारात्मक बदलाव ला सके। डीएम ने जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस को निर्देश दिया कि जिले में वैसे सभी आगंनबाड़ी केन्द्रों को चिन्हित किया जाय, जहां किसी प्रकार की मूलभूत संरचना (बिजली/पहुंचपथ अन्य) की कमी हो ताकि प्राथमिकता के तौर पर समस्याओं को दूर किया जा सके। उन्होंने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को आगनवाड़ी केंद्रों की नियमित जांच करने और अपने-अपने केन्द्र से संबंधित जांच रोस्टर बनाकर यह सुनिश्चित करे कि महिला पर्यवेक्षिका के द्वारा अपने केंद्रों की जांच नियमित तौर पर की जा रही हैं या नहीं। उन्होंने जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को कहा कि नियमित जांच से यह सुनिश्चित करे कि सभी आंगनवाड़ी केंद्र खुले हो एवं सभी आगंनबाड़ी सेविका/सहायिका की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए। डीएम ने प्रोग्राम पदाधिकारी एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को निदेश दिया कि बेगूसराय जिला अंतर्गत ज्यादा प्रजजन दर वाले क्षेत्रों में परिवार नियोजन के संबंध में लोगों को परामर्श देने संबंधी कार्यक्रम भी चलाया जाए ताकि सभी प्रखंडों के आकड़ों में सुधार हो सके।
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