सीने जगत में अपनी छाप छोड़ने से पहले सदा के लिए मिट गई खगड़िया के अंकित की अदाकारी
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अंकित हत्याकांड : छठ में मुंबई से लौटे थे घर, पिता के राजनीतिक रंजिश के हुए शिकार
केबीआई| खगड़िया
खगड़िया जिले का एक होनहार कलाकार, जो सिनेमा की चमकती दुनिया में अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए संघर्षरत था, अब हमारे बीच नहीं है। खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र के राजाजान निवासी पूर्व उप प्रमुख अशोक पोद्दार के पुत्र अंकित कुमार ने कम उम्र में ही अदाकारी की दुनिया में कदम रखा और अपने हुनर से लोगों को प्रभावित करना शुरू कर दिया था। लेकिन छठ महापर्व के मौके पर मुंबई से अपने घर लौटने के बाद, उनकी जिंदगी एक राजनीतिक रंजिश का शिकार हो गई। अंकित के पिता पर गांव के ही एक बदमाश ने जानलेवा हमला किया, पिता को बचाने पहुंचे अंकित को भी उस बदमाश ने गोली मार दी और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
खगड़िया से मुंबई तक सपनों का सफर
अंकित बचपन से ही फिल्मी दुनिया का हिस्सा बनने का सपना देखते थे। वे मुंबई में एक्टर बनने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स में छोटे लेकिन प्रभावशाली किरदार निभाए। उनके करीबी बताते हैं कि अंकित जल्द ही एक बड़े प्रोजेक्ट में नजर आने वाले थे, जिससे उनका करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता था।
क्या अंकित को मिलेगा न्याय?
यह घटना न केवल एक उभरते हुए कलाकार की मौत का मामला है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि राजनीति और समाज में बढ़ती हिंसा को कब तक सहन किया जाएगा। प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है, और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। अंकित का यूं चले जाना उनके चाहने वालों के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी अधूरी कहानी और अदाकारी का सपना अब सिर्फ यादों में रह गया है।
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