क्या डीसीएलआर कोर्ट में रिश्वत पर होती है सुनवाई, सवाल पर डीसीएलआर स्वाति ने कहा, हां मैंने लिए हैं 2 करोड़ रुपए, वीडियो वायरल
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गड़बड़झाला : वाद संख्या 5/24-25 के पक्षकार चर्चित व्यवसाई एवं भाजपा नेता डॉ सलिल कुमार ने डीसीएलआर पर लगाया दूसरे पक्ष से प्रभावित होकर आदेश निर्गत करने का आरोप, कहा- मौजूद है कई साक्ष्य
ब्यूरो रिपोर्ट| खगड़िया
खगड़िया में अपनी ड्यूटी बजाने आए अधिकारी समस्या को समाप्त करने के बजाय मोटी रकम की उगाही कर समस्या और विवाद को और बढ़ा रहे हैं। पब्लिक सर्वेंट पब्लिक को ही सर्वेंट समझ रहे हैं और पवार के तेवर में अपनी हद भूल जा रहे हैं। ताजा मामला खगड़िया सदर डीसीएलआर कोर्ट से जुड़ा है। जहां डीसीएलआर स्वाति कुमारी पर रिश्वत लेकर वाद संख्या 5/24-25 में पक्षकार को बगैर नोटिस किए गलत निर्णय देने का आरोप लगा है। शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उक्त आरोप लगाते हुए खगड़िया के चर्चित व्यवसाई एवं भाजपा नेता डॉ. सलिल कुमार ने डीसीएलआर पर दूसरे पक्ष से प्रभावित होकर निर्धारित तिथि से पहले नियम के विरुद्ध आदेश जारी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस मामले में उनके पास कई ठोस साक्ष्य हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर प्रस्तुत किया जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि शिकायत करने पर डीसीएलआर ये भी कह रही हैं कि हां मैंने 2 करोड़ रुपए लिए हैं, जिन्हें कहना है कह दो। शुक्रवार को जिले के विभिन्न सोशल मीडिया पर मामले से संबंधित एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें डीसीएलआर स्वाति कुमारी 2 करोड़ लेने की बात स्वीकार रही है। यह मामला न केवल न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि प्रशासनिक भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और सरकार इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।
नियम विरुद्ध कार्य के सवाल भर भड़क गई डीसीएलआर, गार्ड से कहा- भगाओ इन लोगों को
डॉ सलिल कुमार ने बताया कि बगैर नोटिस किए निर्धारित तिथि से पहले सुनवाई और आदेश कैसे निर्गत किया गया? शुक्रवार को उक्त सवाल जब डीसीएलआर से पूछा गया तो वे भड़क गई, और प्रशासनिक पावर का दुरुपयोग कर गार्ड से सभी को भागने की बात कह डाली और विरोधी का गुणगान करते हुए जोर जोर से चिल्लाने लगी। ऐसे में सवाल उठता है कि भ्रष्ट अधिकारी उगाही कर गलत करते रहे और पक्षकार चुपचाप उनका फैसला सुनते रहे। ऐसा कबतक चलेगा?
निर्धारित तिथि से पहले सुनवाई और आदेश का आरोप
डॉ. सलिल कुमार के अनुसार, इस बाद की पिछली सुनवाई की तिथि 25 अक्टूबर 2024 को थी, जिसमें डीसीएलआर के अनुपस्थित रहने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी और अगली सुनवाई की तिथि 23 नवंबर 2024 को निर्धारित की गई थी। लेकिन, निर्धारित तिथि से पहले 12 नवंबर 2024 को ही गुपचुप तरीके से आदेश जारी कर दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि सुनवाई निर्धारित तिथि से पहले करने की स्थिति में पक्षकार को नोटिस भेजा जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष से मोटी रकम लेकर उनके खिलाफ गुपचुप तरीके से निर्णय दिया गया है। जो डीसीएलआर के भ्रष्ट मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर मंत्री और उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
सवालों के घेरे में डीसीएलआर का रवैया
शुक्रवार को मौके पर मौजूद भाजपा नेता अंकित सिंह चंदेल ने बताया कि शिकायतकर्ता जब इस मामले को लेकर डीसीएलआर से सवाल पूछने पहुंचे, तो डीसीएलआर स्वाति कुमारी ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया और गार्ड को शिकायतकर्ता को भगाने का आदेश दे दिया। उन्होंने कहा कि यह रवैया ऐसे भ्रष्ट अधिकारी की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीसीएलआर के इस तरह के कार्य न्यायिक प्रक्रिया का मजाक उड़ाने जैसा है।
क्या है अगला कदम?
डॉ. सलिल कुमार ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने के साथ-साथ इसकी शिकायत संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से करेंगे। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। इधर मामले में डीसीएलआर का पक्ष लेने के लिए उनसे कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
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