आवास कर्मियों को सरकार से अब तक नहीं मिली है कोई स्थाई सुविधा : शास्त्री
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मांगें : राज्यभर के आवास कर्मियों के हक में बड़ा कदम, राकेश शास्त्री ने डिप्टी सीएम को 16 सूत्री मांगों का सौंपा ज्ञापन
केबीआई| खगड़िया
राज्य के ग्रामीण आवास कर्मियों के हक और अधिकारों की मांग को लेकर रविवार को एक अहम पहल हुई। रहीमपुर उत्तरी पंचायत स्थित एनएच 31 पर गोल्डेन रिसोर्ट में बिहार स्टेट डेंटल कांफ्रेंस में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को राज्य ग्रामीण आवास कर्मी संघ (सगासा) के प्रदेश प्रवक्ता और जदयू जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने 16 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। शास्त्री ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यभर के ग्रामीण आवास पर्यवेक्षकों, लेखापालों और सहायकों की सेवा स्थाई करने, उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा देने और नियत वेतनमान पर समायोजित कर स्थायी कर्मियों की भांति वेतनमान देने की मांग की। साथ ही, उन्होंने मानदेय में पुनरीक्षण, समय पर भुगतान न होने पर ब्याज समेत भुगतान, सेवा पुस्तिका का संधारण, सेवांत लाभ, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, और अतिरिक्त कार्यों के लिए विशेष भत्ते की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आवास कर्मियों की मेहनत और कुशलता के कारण ही केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के संबंधित मंत्रालय को कई बार पुरस्कृत किया है। बावजूद इसके, आवास कर्मियों को सरकार से अब तक कोई स्थाई सुविधा नहीं मिली है। वर्तमान में ये कर्मी अल्प मानदेय पर जीवन यापन को मजबूर हैं, जबकि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने ज्ञापन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि सरकार इन मांगों पर विचार करेगी। इस मौके पर सगासा के कई अन्य पदाधिकारी और ग्रामीण आवास कर्मी भी उपस्थित थे।
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