समाज सेवा के लिए हमेशा याद रहेंगे डॉ. पी.के. सिन्हा
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निधन पर शोक : दिल्ली में इलाज के दौरान 22 दिसंबर को हुआ निधन, 30 वर्षों तक खगड़िया सदर अस्पताल में दी अपनी सेवाएं
केबीआई| खगड़िया
खगड़िया सदर अस्पताल के पूर्व डॉक्टर और जिलेवासियों के लिए प्रेरणा रहे डॉ. पी.के. सिन्हा अब हमारे बीच नहीं रहे। 22 दिसंबर 2024 को दिल्ली में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर ने खगड़िया समेत पूरे क्षेत्र को शोक में डाल दिया है। डॉ. सिन्हा ने अपने तीन दशक लंबे चिकित्सीय करियर में न जाने कितने मरीजों को नई जिंदगी दी।
बेगूसराय में जन्म, खगड़िया में सेवा का संकल्प
डॉ. पी.के. सिन्हा का जन्म बेगूसराय में हुआ। उन्होंने कोशी कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की और मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर गए। 1989 में खगड़िया सदर अस्पताल से अपने चिकित्सीय सफर की शुरुआत की। 2019 में सेवानिवृत्ति तक उन्होंने अपनी सेवाओं से लोगों का दिल जीता। उनकी हंसमुख प्रवृत्ति और सेवा भाव के लिए हर कोई उन्हें याद करता है।
सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज से जुड़ाव
सेवानिवृत्ति के बाद डॉ. सिन्हा खगड़िया के गुलाब नगर में रहे। बाद में वे अपने बेटे के पास दिल्ली चले गए। उनका परिवार भी समाज सेवा और स्वास्थ्य सेवा में अग्रणी है। उनकी पत्नी डॉ. जे.के. सिन्हा खगड़िया सदर अस्पताल से सेवानिवृत्त होकर महिलाओं के स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी अमूल्य सेवाएं दे चुकी हैं।
परिवार में तीनों संतानें अपने क्षेत्र में अग्रणी
डॉ. सिन्हा के परिवार में उनकी तीन संतानें हैं। उनके पुत्र हर्षित सिन्हा दिल्ली में सैमसंग रिसर्च में सीनियर चीफ इंजीनियर हैं। बड़ी बेटी डॉ. सौम्या सिन्हा रांची में आईबीएफ विशेषज्ञ हैं, जबकि छोटी बेटी डॉ. दिव्या सिन्हा दुबई में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हैं।
समाज सेवा का आदर्श
डॉ. पी.के. सिन्हा का जीवन समाज सेवा और समर्पण का प्रतीक रहा। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में जो आदर्श स्थापित किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा। उनके निधन से खगड़िया ने एक सच्चे मार्गदर्शक को खो दिया है। जिलेवासियों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
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