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केन्द्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर बजट के विरोध में प्रतिरोध मार्च

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विरोध प्रदर्शन : सदर अस्पताल से समाहरणालय तक प्रदर्शन, बजट की प्रति जलाकर जताया विरोध

केबीआई| खगड़िया 

केन्द्रीय श्रम संगठनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर बुधवार को खगड़िया में आम बजट 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। दोपहर 2 बजे सदर अस्पताल के समीप से प्रतिरोध मार्च निकाला गया, जो समाहरणालय पहुंचकर संपन्न हुआ। वहां प्रदर्शनकारियों ने बजट की प्रति जलाकर नाराजगी जाहिर की और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संगठन की जिला महासचिव कुमारी निर्मला ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाएं बजट से बहुत उम्मीद लगाए बैठी थीं। उन्होंने बताया कि “2015 के बाद सेविका-सहायिकाओं के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई है। 2025 के बजट से हमें उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने हमें निराश कर दिया।” इस कारण सेविकाओं ने भी जमकर विरोध प्रदर्शन किया और “सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना होगा, मानदेय बंद करो, वेतन का प्रबंध करो” जैसे नारे लगाए। किसान नेता संजय सिंह ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसानों के अधिकारों की बात की। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है, जिससे उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

 

प्रमुख संगठनों के नेता रहे शामिल

प्रदर्शन में AITUC के नेता रमेश चंद्र चौधरी, पुनित मुखिया, चंद्र जीत कुमार, सुनील कुमार, प्रणेश कुमार वकील, गीता कुमारी, रेखा कुमारी, मणी देवी, रामप्यारी, कुमारी मेनका, उषा कुमारी, रीता कुमारी, मीरा कुमारी, वंदना कुमारी, शिल्पा कुमारी, अंजुम आरा, भारती कुमारी, बुलबुल कुमारी, सुनैना कुमारी समेत कई अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

प्रदर्शनकारियों की मांगें

  1. चार लेबर कोड वापस लिए जाएं।
  2. आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी हो।
  3. सरकारी कर्मचारियों की तरह वेतन का प्रबंध किया जाए।
  4. किसानों के हक और अधिकार सुनिश्चित किए जाएं।

इस प्रदर्शन के माध्यम से संगठनों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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