पूतना को कंस ने भेजा, श्रीकृष्ण ने किया उद्धार
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आयोजन : सैदपुर में श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन गूंजे जयकारे, भक्ति में लीन हुए श्रद्धालु
केबीआई| खगड़िया
मानसी प्रखंड के सैदपुर पश्चिम टोला में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की कथा का रसपान कराया गया। इस अवसर पर अयोध्या आश्रम, लखनऊ से पधारी कथा वाचिका कल्पना मधुर शास्त्री ने कृष्ण जन्म की दिव्य गाथा सुनाई। शास्त्री ने बताया कि जब पृथ्वी पापियों के बोझ से कराह उठी, तब ब्रह्मा, शिव सहित सभी देवता क्षीर सागर में भगवान विष्णु की स्तुति करने पहुंचे। भगवान ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे वासुदेव और देवकी के पुत्र के रूप में जन्म लेंगे और वृंदावन में नंदबाबा व यशोदा मैया के सानिध्य में अपनी बाल लीलाओं से भक्तों का उद्धार करेंगे। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद कंस को जब यह ज्ञात हुआ, तो उसने बालकृष्ण को मारने के लिए बलशाली राक्षसी पूतना को भेजा। कथा वाचिका ने बताया कि पूतना ने वेश बदलकर कृष्ण को विषैले दूध से मारने का प्रयास किया, लेकिन श्रीकृष्ण ने उसे मृत्यु दंड देकर उसका उद्धार किया। यह कथा सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाने लगे। पांचवें दिन की कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने आरती कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। कथा स्थल पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और भक्ति में लीन हो गए। चारों ओर “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष गूंज उठे। कथा पंडाल में उमड़ी भीड़ से माहौल भक्तिमय हो गया, जहां श्रद्धालुओं ने स्वामी जी से सुखमय और भक्तिपूर्ण जीवन का आशीर्वाद प्राप्त किया।
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