खेल जागरूकता झांकी से गूंजा मानसी बाजार – सामाजिक समरसता, अनुशासन और चरित्र निर्माण का दिया संदेश
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
स्पोर्ट्स : राष्ट्रीय खेल दिवस पर जिला फुटबॉल एसोसिएशन खगड़िया का आयोजन, युवाओं में खेल संस्कृति बढ़ाने का लिया संकल्प
केबीआई। खगड़िया
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को मानसी बाजार खेल-जागरूकता की ऊर्जा से भर गया। जिला फुटबॉल एसोसिएशन खगड़िया के तत्वावधान में निकाली गई भव्य खेल जागरूकता झांकी ने पूरे बाजार का माहौल उत्साहपूर्ण बना दिया। इस झांकी का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों में खेल के प्रति रुचि जगाना, मेजर ध्यानचंद जैसे महान खिलाड़ियों को श्रद्धांजलि देना और खेल संस्कृति को समाज में स्थापित करना था। फुटबॉल खिलाड़ियों की अगुवाई में निकली झांकी ने मानसी बाजार के मुख्य मार्गों का भ्रमण किया। खिलाड़ियों ने “जो खेले, वो खिले”, “खेलो इंडिया, बढ़ाओ इंडिया” और “स्वस्थ युवा, सशक्त राष्ट्र” जैसे नारे लगाकर लोगों में उत्साह भरा। झांकी में खेल उपकरणों, प्रेरक नारों और बैनरों के साथ मेजर ध्यानचंद की झलकियों व उनके योगदान को दर्शाते पोस्टर भी शामिल थे। खिलाड़ियों ने रास्ते में अपने कौशल का संक्षिप्त प्रदर्शन भी किया, जिसे देखकर लोगों का रोमांच बढ़ गया।
खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, अनुशासन और चरित्र निर्माण का है आधार : गुड्डू
मानसी रेलवे मैदान में झांकी का समापन हुआ, जहां जिला फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा एक सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अभय कुमार गुड्डू ने कहा – “खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, अनुशासन और चरित्र निर्माण का आधार हैं। फुटबॉल जैसे खेल युवाओं में टीम भावना, नेतृत्व और सहनशीलता का विकास करते हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस हमें मेजर ध्यानचंद की प्रेरणा के साथ-साथ खेलों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की सीख देता है।”
वक्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
सभा में नशामुक्त भारत अभियान के संस्थापक प्रेम कुमार यशवंत और हिरोज क्लब मानसी के अध्यक्ष निलेश कुमार यादव ने मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर विश्व पटल पर भारत का नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा। वहीं एसोसिएशन के सचिव शंकर कुमार सिंह और उप सचिव सुभाष सिंह ने कहा कि मेजर ध्यानचंद को पद्म भूषण सम्मान मिला, लेकिन अब देशभर में उन्हें भारत रत्न देने की मांग तेज़ हो रही है।
बच्चों में दिखा उत्साह
इस आयोजन में बच्चों की खास भागीदारी रही। कई बच्चों ने पहली बार इतने बड़े पैमाने पर खेलों से जुड़ा आयोजन देखा और स्वयं भी फुटबॉल खेलने की इच्छा व्यक्त की।
भविष्य की योजनाएं
सभा के दौरान एसोसिएशन ने आश्वासन दिया कि जिला स्तर पर लगातार प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकें।
खेल है जीवन का संदेश
कार्यक्रम में कार्यालय सचिव रुपेश रंजन, कार्यकारिणी सदस्य धर्मेंद्र पोद्दार, ललित मिश्रा, और ओम मोबाइल फैक्ट्री मानसी के सोनू कुमार ने कहा – “यह झांकी केवल परंपरा नहीं, बल्कि संदेश थी कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं। नई पीढ़ी को स्वस्थ, अनुशासित और सशक्त बनाने के लिए दैनिक जीवन में खेलों को स्थान देना आज की आवश्यकता है।”
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space


