आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद अब तक ₹25 करोड़ से अधिक की जब्ती
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 : शराब, नकदी और नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, निर्वाचन आयोग की सख्त निगरानी में जारी है संयुक्त अभियान
केबीआई। पटना
बिहार विधानसभा आम चुनाव 2025 के मद्देनज़र आदर्श आचार संहिता लागू होते ही प्रदेश में निर्वाचन आयोग और राज्य प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई तेज़ हो गई है। निर्वाचन विभाग द्वारा जारी ताज़ा प्रेस विज्ञप्ति (13 अक्टूबर 2025) के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से अब तक ₹25.14 करोड़ से अधिक मूल्य की नकदी, शराब, नशीले पदार्थ और अन्य वस्तुएं जब्त की जा चुकी हैं।
🔹 हाल की कार्रवाई में ₹2.46 करोड़ की जब्ती
13 अक्टूबर 2025 तक की ताज़ा रिपोर्ट में विभिन्न जिलों में छापेमारी और निगरानी के दौरान चुनावी गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने हेतु की गई कार्रवाई में कुल ₹2.46 करोड़ की जब्ती दर्ज की गई। इसमें —
- नकद राशि – ₹7.7 लाख
- शराब – ₹130.64 लाख
- ड्रग्स/नशीले पदार्थ – ₹68.6 लाख
- कीमती धातु – ₹0 लाख
- फ्रीबीज़/अन्य वस्तुएं – ₹39 लाख
🔹 आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद की कुल जब्ती
आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक की कुल प्रमुख जब्ती की रिपोर्ट निम्नानुसार है —
- नकद राशि – ₹78 लाख
- शराब – ₹1201.1 लाख (₹12.01 करोड़)
- ड्रग्स/नशीले पदार्थ – ₹442 लाख (₹4.42 करोड़)
- कीमती धातु – ₹278.80 लाख (₹2.78 करोड़)
- फ्रीबीज़/अन्य वस्तुएं – ₹514.1 लाख (₹5.14 करोड़)
👉 कुल जब्ती – ₹2514.21 लाख (₹25.14 करोड़)
🔹 शांतिपूर्ण चुनाव के लिए 2.60 लाख लोगों पर कार्रवाई
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु प्रशासन ने 2,60,211 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की है। इसमें सुरक्षा की दृष्टि से बंदोबस्त, बांड-प्रक्रिया और निगरानी अभियान शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त NSA, PITNDPS सहित अन्य अधिनियमों के तहत 556 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है।
🔹 सख्त निगरानी में जिला प्रशासन और पुलिस की भूमिका
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे निगरानी को और सशक्त बनाएं तथा हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन, पुलिस, आबकारी विभाग, आयकर विभाग, नारकोटिक्स ब्यूरो, सीमा शुल्क और फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें लगातार संयुक्त अभियान चला रही हैं ताकि मतदाताओं को प्रलोभन या दबाव से मुक्त वातावरण मिल सके।
🔹 उद्देश्य: भयमुक्त और निष्पक्ष मतदान
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि इन अभियानों का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मतदाता किसी दबाव या प्रलोभन में आए बिना स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। राज्य सरकार और चुनाव आयोग के संयुक्त प्रयास से पूरे बिहार में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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