तेज आंधी-बारिश से खेतों में बिछी फसल, कच्चे मकानों को भी नुकसान
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परबत्ता में चक्रवाती तूफान का कहर: मक्का और गेहूं की फसल तबाह, किसानों पर टूटा संकट
रितेश कुमार | परबत्ता (खगड़िया)
शुक्रवार की शाम परबत्ता प्रखंड क्षेत्र में आए अचानक चक्रवाती तूफान व बारिस ने व्यापक तबाही मचा दी। तेज हवाओं के साथ बारिश ओलावृष्टि के साथ आए इस तूफान ने खासकर किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में लगी मक्का की फसल पूरी तरह जमीन पर गिर गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।जबकि गेंहूं का फसल भी खेत में पक कर तैयार है।किसान अपने गेंहूं के फसल को काटने के लिए तैयारी शुरू कर दिया था।लेकिन बारिश व ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तूफान इतना तेज था कि कई कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा। कई गांवों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। हालांकि इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ा है, जिससे किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
बाली आने के समय तबाही, पूरी मेहनत पर फिरा पानी
किसानों ने बताया कि मक्का की फसल में अभी बाली आना शुरू ही हुआ था। यह फसल के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है, लेकिन इसी दौरान आए तूफान ने पूरी फसल को बर्बाद कर दिया। खेतों में गिरी फसल अब दोबारा खड़ी होने की स्थिति में नहीं है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने बीज, खाद और सिंचाई पर अच्छी-खासी लागत लगाई थी। फसल की हालत देखकर अब उन्हें निवेश डूबने का डर सता रहा है।
आर्थिक संकट गहराया, कर्ज और परिवार की चिंता
फसल बर्बाद होने के बाद अब किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई किसानों ने खेती के लिए कर्ज लिया था, जिसे चुकाना अब मुश्किल हो सकता है। इसके साथ ही परिवार के भरण-पोषण की चिंता भी उन्हें सताने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द सहायता नहीं मिली तो उन्हें रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भी दिक्कत होगी। मजदूरी और अन्य आय के साधन भी सीमित होने के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मुआवजे की मांग तेज, प्रशासन से राहत की उम्मीद
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सरकारी स्तर पर यदि त्वरित कार्रवाई की जाती है तो उन्हें राहत मिल सकती है और वे अगली फसल की तैयारी कर पाएंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अपील की है कि प्रभावित गांवों का दौरा कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए और पीड़ित किसानों तक जल्द सहायता पहुंचाई जाए।
बिजली व जनजीवन प्रभावित, कई जगह आवागमन बाधित
तूफान के कारण कई इलाकों में बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। कुछ सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन भी प्रभावित हुआ। ग्रामीणों को खुद ही रास्ता साफ करने में जुटना पड़ा।
प्राकृतिक आपदा ने बढ़ाई चिंता, भविष्य को लेकर संशय
इस चक्रवाती तूफान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाएं किसानों के लिए कितनी बड़ी चुनौती हैं। मौसम की अनिश्चितता के कारण खेती पर निर्भर लोगों का जीवन लगातार जोखिम में बना हुआ है। किसानों का कहना है कि यदि सरकार की ओर से समय पर राहत और सहायता नहीं मिली, तो आने वाले समय में खेती करना और भी कठिन हो जाएगा। फिलहाल सभी की नजरें प्रशासनिक मदद और मौसम की स्थिति पर टिकी हैं, ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके।
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