बाल विवाह, नशा और दहेज के खिलाफ अलौली में जागरूकता का बिगुल
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अच्छी पहल : “बाल विवाह रोकें, नशा छोड़ें और दहेज का बहिष्कार करें” – दिलाया गया संकल्प

केबीआई। खगड़िया
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार खगड़िया द्वारा बुधवार को अलौली स्थित राष्ट्रीय प्रेम कोचिंग सेंटर में बाल विवाह उन्मूलन, नशा मुक्ति एवं दहेज प्रथा उन्मूलन को लेकर सेमिनार सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नालसा की आशा (जागरूकता, समर्थन, सहायता और कार्रवाई) एसओपी 2025, DAWN योजना 2025 तथा जागृति स्कीम के तहत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव चंदन कुमार ने की। शिविर का विधिवत उद्घाटन सचिव चंदन कुमार, पैनल अधिवक्ता अमरजीत कुमार सिंह, विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता सनोज कुमार सिंह, अनुराग कुमार एवं राष्ट्रीय प्रेम कोचिंग सेंटर के संस्थापक प्रेम कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर सचिव चंदन कुमार ने कहा कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार खगड़िया राजेश कुमार बच्चन के निर्देश पर जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर बच्चों और युवाओं को सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह समाज के लिए अभिशाप है और इसे समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।
वक्ताओं ने बच्चों को बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत लड़की की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष तथा लड़के की 21 वर्ष निर्धारित की गई है। निर्धारित उम्र से पहले विवाह कराने पर अभिभावक, विवाह कराने वाले पुरोहित तथा इसमें शामिल सभी लोग दंड के भागी होंगे। कानून के तहत दोषियों को दो वर्ष तक की सजा एवं एक लाख रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।
शिविर में बच्चों को यह भी बताया गया कि कम उम्र में विवाह होने से बच्चियों की पढ़ाई बाधित हो जाती है और वे कुपोषण सहित कई गंभीर समस्याओं की शिकार हो जाती हैं। उपस्थित बच्चों को “बाल विवाह मुक्त भारत” बनाने का संकल्प दिलाया गया तथा कहा गया कि यदि कहीं बाल विवाह हो रहा हो तो इसकी सूचना नजदीकी थाना, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या जिला विधिक सेवा प्राधिकार के टोल फ्री नंबर 15100 पर दें। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को तेजी से फैल रहे सूखा नशा के दुष्प्रभावों और उससे जुड़ी कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि नशा समाज और युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है, इसलिए इसके खिलाफ सामूहिक जागरूकता जरूरी है। दहेज प्रथा पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दहेज लेना और देना दोनों कानूनन अपराध है। समाज से इस कुरीति को खत्म करने के लिए हर व्यक्ति को अपने घर से इसकी शुरुआत करनी होगी।
कार्यक्रम को पैनल अधिवक्ता अमरजीत कुमार सिंह, विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता सनोज कुमार सिंह, अनुराग कुमार तथा भारत स्काउट एंड गाइड के जिला संगठन आयुक्त इंद्रदेव कुमार ने भी संबोधित किया। शिविर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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