बिहार के अल्पसंख्यक, दलित, पिछड़ा ,अति पिछड़ा वर्ग के अधिकार के लिए काम किए हैं तेजस्वी यादव : मनोहर यादव
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राजनीति : जिला राजद कार्यालय में राजद के पदाधिकारियों के उपस्थिति में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का किया विस्तार
केबीआई |खगड़िया
जिला राजद कार्यालय में बुधवार को पूर्व एमलसी प्रत्याशी सह राजद जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव एवं राजद के वरिष्ठ नेता पूर्व जिलाध्यक्ष अबु मोहम्मद अंसारी उर्फ गुदर सेठ के उपस्थिति में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष इकरामुल हक ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का विस्तार करते हुए अलौली प्रखंड अध्यक्ष के पद पर मो. सलमान, प्रखंड प्रधानमहासचिव मो. मुजफ्फर हसन, प्रखंड मीडिया प्रभारी सोहरत समीर, अलौली नगर अध्यक्ष मो. इकबाल, नगर प्रधानमहासचिव मो. मंसूर आलम, खगड़िया प्रखंड अध्यक्ष के पद पर ई. मो. शादनाम, मानसी प्रखंड अध्यक्ष मो. इस्तियार आलम,मानसी नगर अध्यक्ष के पद पर मो. अफरोज खां को मनोनित करते हुए मनोयन पत्र दिया गय। जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव ने कहा कि राजद के सभी प्रकोष्ठ में सामाजिक न्याय के नेता गरीबों के मसीहा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के विचारधारा और नेता प्रतिपक्ष पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के द्वारा बिहार में किए गए विकास की रफ्तार को देखते हुए राजद में शामिल होकर राजद के मजबूत साथी के रूप में पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के 17 महीने के सेवा काल में बिहार के अल्पसंख्यक, दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा वर्ग के अधिकार के लिए काम किए हैं। उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। मात्र 17 महीने के सेवाकाल में लगभग 5 लाख युवाओं को नौकरी, 3 लाख से अधिक नौकरी प्रक्रिया में थी, कि बीजेपी के मनुवादी सोच रखने वाले लोग साजिस के तहत महागठबंधन की सरकार को गिराकर तेजस्वी प्रसाद यादव के विकास के तेज रफ्तार को रोकने का काम किया। बिहार की जनता इस बात को कभी भूल नहीं सकती है। इसलिए आगामी विधानसभा चुनाव में तेजस्वी प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनाना तय है। जिला प्रवक्ता अजित सरकार, चंद्रशेखर कुमार ,जिला मीडिया प्रभारी रणवीर कुमार,जिला उपाध्यक्ष प्रमोद यादव,राजद नेता मनीष कुमार, रामप्रवेश कुमार,मानसी नगर पंचायत उपमुख्य पार्षद पप्पू सुमन आदि ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के मनोनित पदाधिकारी को बधाई दिया।
नीतीश कुमार के संस्थागत भ्रष्टाचार का एक छोटा सा नमूना है शराबबंदी : जिलाध्यक्ष
जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव ने कहा कि शराबबंदी नीतीश कुमार के संस्थागत भ्रष्टाचार का एक छोटा सा नमूना है। अगर शराबबंदी हुई है तो इसे पूर्ण रूप से लागू करना सरकार का दायित्व है, लेकिन मुख्यमंत्री की वैचारिक व नीतिगत अस्पष्टता, कमजोर इच्छाशक्ति तथा जनप्रतिनिधियों की बजाय चुनिंदा अधिकारियों पर निर्भरता के कारण आज बिहार में शराबबंदी सुपरफ्लॉप है। सत्ताधारी नेताओं-पुलिस और शराब माफिया के गठजोड़ से बिहार में 𝟑𝟎 हजार करोड़ से अधिक अवैध शराब का काला कारोबार फला-फूला है। अगर शराबबंदी के बावजूद बिहार में 𝟑 करोड़ 𝟒𝟔 लाख लीटर शराब की कागजों में बरामदगी दिखाई जा रही है (एक ईमानदार वरीय पुलिस अधिकारी के अनुसार इसमें भी घपला है, क्योंकि अवैध शराब की तस्करी के लिए पुलिस अधिकारी शराब पकड़ने एवं पकड़वाने का ढोंग रचते हैं, जैसे की 𝟐𝟎 ट्रक शराब के बिहार में घुसाने पर एक टूटा-फूटा ट्रक पकड़वाते है उसमें भी शराब की बजाय कुछ और द्रव्य पदार्थ होता है)। जिलाध्यक्ष ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होशमंद है, तो इन सवालों का जवाब दें।
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