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खगड़िया के लाखों किसानों की जमीन का संकट दूर कराने मैदान में उतरे सांसद राजेश वर्मा

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अच्छी पहल : सीएम सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर गैरमजरूआ खास, बकाश्त, परती कदीम व टोपो लैंड का विशेष सर्वे कराने की मांग; वैध जमीन को रोक सूची से हटाकर नियमित राजस्व रसीद जारी करने का आग्रह

KBI, KHAGARIA 

जिले के लाखों किसानों और रैयतों की जमीन से जुड़ी वर्षों पुरानी परेशानी को लेकर खगड़िया सांसद राजेश वर्मा ने गंभीर पहल की है। सांसद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर गैरमजरूआ खास, बकाश्त, परती कदीम एवं टोपो लैंड सहित विभिन्न श्रेणी की जमीनों का विशेष सर्वे और दस्तावेजवार सत्यापन कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से आग्रह किया है कि जांच में जो जमीन वैध एवं विवादमुक्त पाई जाए, उसे खरीद-बिक्री की रोक सूची से बाहर किया जाए और संबंधित रैयतों के नाम से नियमित राजस्व रसीद जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सांसद ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि खगड़िया में भूमि की प्रकृति और राजस्व अभिलेखों से जुड़ी समस्या महज प्रशासनिक या कागजी मामला नहीं है। इसका सीधा असर जिले के लाखों परिवारों की आजीविका, आर्थिक सुरक्षा और भविष्य पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में किसान एवं रैयत गैरमजरूआ खास, बकाश्त, परती कदीम और टोपो लैंड जैसी भूमि श्रेणियों को लेकर राजस्व अभिलेखों तथा खरीद-बिक्री पर लगे प्रतिबंधों के कारण परेशान हैं।

 

पुराने दस्तावेज और रसीद होने के बावजूद जमीन पर लगा प्रतिबंध

सांसद ने बताया कि कई रैयतों के पास वर्षों पुराने जमीन संबंधी दस्तावेज, जमाबंदी, लगान भुगतान एवं राजस्व रसीद समेत अन्य प्रमाण उपलब्ध हैं। इसके बावजूद कई मामलों में जमीन का नाम रोक सूची में दर्ज होने के कारण रैयत अपनी वैध संपत्ति का जरूरत के समय उपयोग अथवा कानूनी हस्तांतरण नहीं कर पा रहे हैं। इससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो रहा है।

 

बेटी की शादी से लेकर इलाज और कर्ज चुकाने तक प्रतिबंध बनी बाधा

राजेश वर्मा ने पत्र में गरीब, छोटे और मध्यम किसानों की परेशानियों को विशेष रूप से उठाया है। उन्होंने कहा कि अनेक परिवार अपनी जमीन का उपयोग बेटी की शादी, बच्चों की पढ़ाई, गंभीर बीमारी के इलाज, कृषि कार्य और कर्ज चुकाने जैसी जरूरी परिस्थितियों में करना चाहते हैं। लेकिन जमीन पर लगे प्रतिबंध के कारण उनकी आर्थिक मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। सांसद ने कहा कि जब किसी किसान के पास जमीन ही उसकी सबसे बड़ी आर्थिक संपत्ति और जीवनभर का सहारा हो, लेकिन जरूरत पड़ने पर उसी संपत्ति का वैध रूप से उपयोग नहीं किया जा सके, तो परिवार की स्थिति बेहद कठिन हो जाती है। ऐसे मामलों का समाधान केवल प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए।

 

दस्तावेजवार और रैयतवार हो विशेष सत्यापन

सांसद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को निर्देश देकर खगड़िया जिले में विशेष अभियान चलाया जाए। अभियान के दौरान संबंधित भूमि का दस्तावेजवार, रैयतवार और निष्पक्ष सत्यापन कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने मांग की है कि सत्यापन में जिन रैयतों की भूमि वैध एवं विवादमुक्त पाई जाए, उनकी जमीन को नियमानुसार खरीद-बिक्री की रोक सूची से बाहर करने की कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित रैयतों के नाम से नियमित राजस्व रसीद निर्गत करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

 

विवादित जमीनों का भी समयबद्ध हो निपटारा

सांसद ने कहा कि जिन मामलों में वास्तविक विवाद अथवा सरकारी भूमि से संबंधित कोई आपत्ति सामने आती है, उनका भी समयबद्ध तरीके से निपटारा होना चाहिए। इससे वैध रैयतों को वर्षों तक अंचल और जिला कार्यालयों के चक्कर लगाने की मजबूरी से राहत मिलेगी।

 

‘वैध रैयत परेशान न हों, दोषपूर्ण रिकॉर्ड की हो जांच’

राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि विशेष सर्वे एवं सत्यापन से एक ओर जहां वैध रैयतों को उनकी जमीन का अधिकार और आर्थिक उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा, वहीं दूसरी ओर वास्तविक सरकारी एवं विवादित भूमि की स्थिति भी स्पष्ट होगी। सांसद ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के स्तर से इस व्यापक जनहित के मामले में शीघ्र सकारात्मक पहल की जाएगी। इससे वर्षों से जमीन संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे खगड़िया के लाखों किसानों और रैयतों को बड़ी राहत मिल सकती है तथा भूमि विवाद और राजस्व विभाग से जुड़ी प्रशासनिक परेशानियों में भी कमी आएगी।

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