गंगा-गंडक के उफान से खगड़िया बेहाल, बाढ़ प्रभावित जिला घोषित करने की मांग
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
अच्छी पहल : सांसद राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लिखा पत्र, प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत, क्षतिपूर्ति और मुआवजा देने का किया आग्रह

KBI, KHAGARIA
खगड़िया। गंगा और गंडक नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित एवं लगातार हो रही वृद्धि से खगड़िया जिले में बाढ़ की स्थिति भयावह होती जा रही है। जिले के कई प्रखंडों और नगर क्षेत्रों में बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में है। लोगों के सामने आवागमन, आवास, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांसद राजेश वर्मा ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर खगड़िया जिले के प्रभावित क्षेत्रों को “बाढ़ प्रभावित क्षेत्र” घोषित करने की मांग की है। सांसद ने सरकार के निर्धारित प्रावधानों के तहत प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, क्षतिपूर्ति एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
परबत्ता से गोगरी और मानसी तक बाढ़ का व्यापक असर
सांसद ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि परबत्ता प्रखंड के जोरावरपुर, तेमथा करारी, दरियापुर भेलवा, लगार, कबेला, माधवपुर, कुल्हड़िया, भरसों, सौढ़ उत्तरी एवं सौढ़ दक्षिणी पंचायत समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ का व्यापक प्रभाव पड़ा है। वहीं गोगरी प्रखंड के बन्नी, झिटकिया, बोरना, गोगरी, रामपुर एवं इटहरी पंचायत तथा गोगरी नगर परिषद के मीरगंज, शारदा नगर और यशोदा नगर क्षेत्र भी बाढ़ से प्रभावित हैं। मानसी प्रखंड के मटिहानी, जालिम बाबू टोला एवं पूर्वी ठाठा पंचायत के चैधा बांध क्षेत्र तथा खगड़िया सदर प्रखंड के रहीमपुर उत्तर, रहीमपुर दक्षिण और रहीमपुर मध्य पंचायतों में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसके अलावा खगड़िया नगर परिषद के वार्ड संख्या 29 बापू नगर बलुआही, वार्ड संख्या 30 बलुआही, वार्ड संख्या 31 तथा वार्ड संख्या 05 रामचन्द्रा में भी बाढ़ का व्यापक असर देखने को मिल रहा है।
फसलें बर्बाद, पशुपालकों के सामने भी बढ़ा संकट
बाढ़ के कारण आमजन को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में लगी खड़ी फसलें पानी में डूबकर बर्बाद होने की कगार पर हैं। वहीं पशुपालकों के सामने पशुओं के चारे और सुरक्षित स्थान की समस्या उत्पन्न हो गई है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका है। सांसद राजेश वर्मा ने कहा कि ऐसी विषम परिस्थिति में प्रभावित परिवारों को बिना किसी देरी के सरकारी राहत एवं सहायता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मानवीय एवं जनहित के आधार पर मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया है।
“संकट की घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है सरकार”
सांसद ने कहा कि बाढ़ की इस गंभीर परिस्थिति में प्रभावित लोगों को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। संकट की घड़ी में बाढ़ पीड़ितों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ा होना और उन्हें हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space


