एड्स दिवस पर जनजागरूकता अभियान: एचआईवी जागरूकता से बचाए जान
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जागरूकता : सिविल सर्जन की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम, एचआईवी जांच, परामर्श और उपचार की साझा की जानकारी
केबीआई| खगड़िया
विश्व एड्स दिवस के अवसर पर 1 दिसंबर, दिन रविवार को सिविल सर्जन की अध्यक्षता में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गैर संचारित रोग पदाधिकारी विद्यानंद सिंह, चिकित्सा पदाधिकारी, जिला आईसीटीसी पर्यवेक्षक मोहम्मद निजाम निजामुद्दीन, लैब टेक्नीशियन मोहम्मद एजाज अख्तर एवं दीपक कुमार, एआरटी के अभिलाष कुमार, वीनीत कुमार, संजय कुमार, एसटीआई परामर्शी डॉ. माया कुमारी और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाना और इससे बचाव के उपायों पर चर्चा करना था। सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने एचआईवी और यौन संचारित रोगों (एसटीआई) के महत्व पर प्रकाश डाला।
गर्भवती महिलाओं की जांच पर विशेष जोर
कार्यक्रम में बताया गया कि सभी गर्भवती महिलाओं के लिए एचआईवी और सिफलिस जांच अनिवार्य है। इस जांच से न केवल गर्भवती महिलाओं की बल्कि उनके बच्चों की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। एचआईवी पॉजिटिव महिलाओं के बच्चों का 42 दिनों के बाद डीबीएस (ड्राई ब्लड स्पॉट) जांच किया जाता है, जिसका सैंपल कोलकाता भेजा जाता है।
मरीजों को मुफ्त उपचार और प्रोत्साहन राशि
एचआईवी पॉजिटिव मरीजों को एआरटी (एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी) से जोड़ा जाता है। मरीजों को मुफ्त दवाइयां दी जाती हैं, और गर्भवती महिलाओं को परवरिश योजना के तहत प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। यह योजना मरीजों और उनके बच्चों को बेहतर जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितों ने संकल्प लिया कि वे एड्स के खिलाफ लड़ाई में अपनी भूमिका निभाएंगे और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाएंगे।
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