हिंदीभाषियों के सम्मान की आवाज बने खगड़िया के सांसद
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
अच्छी पहल : राजभाषा समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ महाराष्ट्र के राज्यपाल से की मुलाकात, राज ठाकरे के बयान पर जताया विरोध
👉 सांसद राजेश वर्मा ने कहा — “भाषाई असहिष्णुता संविधान के मूल्यों के खिलाफ”
👉 “बिहारी मजबूर हो सकते हैं, पर कमजोर नहीं”
👉 राज्यपाल ने दिया आश्वासन – सभी नागरिकों की गरिमा की होगी रक्षा
केबीआई। मुंबई/खगड़िया
महाराष्ट्र में हिंदीभाषियों के साथ हो रहे व्यवहार और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के विवादित बयान को लेकर देशभर में उबाल है। इसी बीच खगड़िया के युवा सांसद राजेश वर्मा ने राजभाषा समिति की बैठक के उपरांत एक प्रतिनिधिमंडल के साथ महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की और अपनी चिंता साझा की। राजभवन में हुई इस शिष्टाचार मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज ठाकरे के उस बयान की कड़ी निंदा की जिसमें उन्होंने कहा था – “जो मराठी नहीं बोलते, उन्हें पीटना चाहिए, लेकिन उसका वीडियो नहीं बनाना चाहिए।” इस बयान को सांसद व प्रतिनिधियों ने न केवल असंवेदनशील बल्कि भाषाई असहिष्णुता और असंवैधानिक सोच का प्रतीक बताया। सांसद राजेश वर्मा ने कहा – “बिहार ऐसा राज्य है जिसकी प्रतिभा पूरे देश में अपना योगदान दे रही है। बिहारी मजबूर हो सकते हैं, लेकिन कभी कमजोर नहीं। हम मजदूर से लेकर इंजीनियर और बुद्धिजीवी तक के रूप में देश के विकास में शामिल हैं।” उन्होंने आगे कहा – “भारत एक राष्ट्र है, जिसकी आत्मा और संविधान एक है। भाषाओं की विविधता हमारी ताकत है, किसी भी नागरिक को उसकी भाषा के कारण अपमानित करना संविधान के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है।” राज्यपाल राधाकृष्णन ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि राज्य में सभी नागरिकों की गरिमा और समान अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन को निर्देश दिए जाएंगे। इस मुलाकात को न सिर्फ हिंदी भाषा के सम्मान बल्कि भारत की भाषाई एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सांसद राजेश वर्मा की इस पहल की खगड़िया सहित पूरे हिंदीभाषी समाज में सराहना हो रही है।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space


